Friday, December 12, 2008

वेद-पुराण: इन्टरनेट पर सरल हिन्दी भावार्थ सहित |

  • ४ वेद: अथर्व वेद, साम वेद, रिग वेद, यजुर वेद
  • पुराण: अग्नि पुराण, भागवत पुराण, ब्रह्म पुराण, ब्रह्माण्ड पुराण, गरुडा पुराण, कुर्मा पुराण, लिंग पुराण, मार्कंडयपुराण, मत्स्य पुराण, नारद पुराण, नरसिंह पुराण, पद्मा पुराण, शिव पुराण, स्कन्द पुराण, वैवात्रा पुराण, वामन पुराण, वराह पुराण, विष्णु पुराण |

समस्त वेद पुराण सरल हिन्दी भावार्थ सहित आम जन के हितार्थ इन्टरनेट पर वेदपुराण.कॉम पर उपलब्ध है| साईट पर केवल आप ऑनलाइन पढ़ सकते है अपितु सारी फाइलें डाउनलोड भी कर सकते है| साईट का मुख्य पृष्ठ आंग्ल में है पर सारे वेद-पुराण हिन्दी भाषा में ही है|
आप यहाँ पढने डाउनलोड करने के आलावा वेद पुराणों के ऑडियो सुन भी सकते है|
यहाँ जायें: वेदपुराण.कॉम

8 comments:

परमजीत बाली said...

आभार।

arun prakash said...

बहुत सुंदर व स्तुत्य प्रयास है वेड के अध्यान में शब्द ठडे छोटे आ रहे हैं यही खटक रहा है कम नजर वाले हम जैसे लोगो के लिए | जिसने भी यह वेद पुराण साईट बनाई है उसे धन्यवाद कहिये

BrijmohanShrivastava said...

बहुत बहुत वधाई के पात्र हैं आप -आपका कार्य सराहनीय है

khetesh said...

आभार।

RC said...

आपका कार्य सराहनीय है .. badhai!

narendra said...

apni sanskriti se jude rehnaa,
aatmaa ko pehchanne jitna hai.

Hemraj Sharma said...

प्रयास सराहनीय है परन्तु प्रत्येक पृष्ठ पर अंतिम दो श्लोकोँ का भावार्थ आप खा गए हैँ, सारा मज़ा किरकिरा हो गया।

ramesh gupta said...

aapko agrasen vansaj ramesh singhal ka koti koti naman